Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
सिजेरियन डिलीवरी के बाद जरूरी खाà¤à¤‚ ये 6 चीजें
सिजेरियन डिलीवरी के बाद रिकवरी में बहà¥à¤¤ समय लग जाता है लेकिन अगर आप नà¥â€à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨à¤² डायट लें तो रिकवरी का समय कम हो सकता है।
c-section
सिजेरियन डिलीवरी कोई छोटा ऑपरेशन नहीं है और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने वाली सरà¥à¤œà¤°à¥€ में से à¤à¤• सिजेरियन à¤à¥€ है। इस सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद रिकवरी के लिठअचà¥â€à¤›à¥€ देखà¤à¤¾à¤² की जरूरत होती है इसलिठइस समय पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार बहà¥à¤¤ जरूरी होता है।
जलà¥â€à¤¦à¥€ रिकवरी और शिशॠके लिठसà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध बढ़ाने के लिठआपको संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लेना ही होगा।
डिलीवरी के बाद कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है नà¥â€à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी या सिजेरियन डिलीवरी के बाद जलà¥â€à¤¦à¥€ रिकवरी और à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ के लिठनà¥â€à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ की जरूरत होती है। सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली नई मांओं को दिन में 450 से 500 तक अधिक कैलोरी की जरूरत होती है। उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ कई तरह के विटामिन और खनिज पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ अधिक चाहिठहोते हैं।
आइठजानते हैं कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं को किन नà¥â€à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टस की जरूरत होती है।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी को महिलाओं के लिठसबसे सही माना जाता है, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके बाद रिकवर करने में कम समय लगता है।
-
यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कोई परेशानी हो तो सिजेरियन डिलीवरी करवाई जाती है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में मां के पेट पर कट लगाकर बचà¥â€à¤šà¥‡ को बाहर निकाला जाता है। यह à¤à¤• बड़ा ऑपरेशन होता है। कई महिलाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा से बचने के लिठसिजेरियन का विकलà¥â€à¤ª पहले से ही चà¥à¤¨ लेती हैं।
वहीं, अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान किसी तरह की जटिलता का पता चले या पेट में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ या तीन बचà¥â€à¤šà¥‡ हों या बचà¥â€à¤šà¤¾ उलà¥â€à¤Ÿà¤¾ हो गया हो तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सिजेरियन ऑपरेशन करना पड़ता है। इस सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को रिकवर करने में अधिक समय लगता है।
-
इसमें कई तरह से डिलीवरी करवाई जाती है, जैसे कि :
फोरसेपà¥â€à¤¸ : बड़े चमà¥â€à¤®à¤š जैसा दिखने वाला उपकरण जिसे फोरसेपà¥â€à¤¸ कहते हैं। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° इससे शिशॠके सिर को पकड़ कर बरà¥à¤¥ कैनाल से बाहर निकालते हैं।वैकà¥â€à¤¯à¥‚म à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ : फोरसेपà¥â€à¤¸ की तरह ही वैकà¥â€à¤¯à¥‚म डिलीवरी होती है। इसमें डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° शिशॠके सिर पर पà¥â€à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• कप लगाकर बरà¥à¤¥ कैनाल से बाहर खींचते हैं।à¤à¤ªà¤¿à¤¸à¤¿à¤“टोमी : इसमें योनि मà¥à¤– और गà¥à¤¦à¤¾ के बीच के ऊतक पर à¤à¤• कट लगाया जाता है। इस ऊतक को पेरिनियम कहते हैं। जब शिशॠको जलà¥â€à¤¦à¥€ से डिलीवर करवाना होता है, तà¤à¥€ इस तरह की डिलीवरी करवाई जाती है।à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤“टोमी : इसमें डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤“टिक थैली के खà¥à¤²à¤¨à¥‡ वाली जगह पर à¤à¤• छोटा पà¥â€à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• हà¥à¤• लगाते हैं। इसमें योनि से तेजी से पानी निकलता है।
हो सकता है कि जिन महिलाओं की पहले सिजेरियन डिलीवरी हà¥à¤ˆ हो, उनकी बाद में नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हो। जब तक लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ नहीं होता, तब तक सिजेरियन ऑपरेशन नहीं किया जाता है। पहली बार में ऑपरेशन से डिलीवरी होने पर दूसरी बार नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हो तो यूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ रपà¥â€à¤šà¤° का खतरा रहता है।
इस तरह कई पà¥à¤°à¤•ार की डिलीवरी होती हैं और पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के आधार पर ही डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° यह तय करते हैं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला की किस तरह की डिलीवरी करनी है।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨
नई कोशिकाओं के ऊतकों के विकास के लिठऔर घाव को à¤à¤°à¤¨à¥‡ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ मदद करता है। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ चीजें ऊतकों को ठीक करने और सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद मांसपेशियों को मजबूती देने का काम करती हैं। मछली, अंडे, चिकन, डेयरी उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚, मीट, मटर, बींस और नटà¥à¤¸ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है।
इन चीजों में उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है जो कि आवशà¥â€à¤¯à¤• अमीनो à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का à¤à¥€ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। यह मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठजरूरी है।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® मांसपेशियों को आराम देता है और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ व दांतों को मजबूत बनाता है। इससे खून जमने में मदद मिलती है। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी के कारण हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का घनतà¥â€à¤µ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है और ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ तक हो सकता है। इसलिठअपनी डायट में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जरूर रखें।
दूध, योगरà¥à¤Ÿ, चीज, टोफू, केल और पालक में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है। दूध पिलाने वाली 14 से 18 उमà¥à¤° की महिलाओं को 1,300 मिगà¥à¤°à¤¾ और 19 से अधिक उमà¥à¤° की महिलाओं को 1,000 मिगà¥à¤°à¤¾ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® रोज लेना चाहिà¤à¥¤
आयरन
मां में हीमोगà¥â€à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ लेवल को बढ़ाने के लिठआयरन जरूरी होता है। नवजात शिशॠके नà¥â€à¤¯à¥‚रोलॉजिकल विकास के लिठà¤à¥€ आयरन जरूरी होता है। अंडे, रेड मीट, ऑà¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤°, अंजीर, बींस और सूखे मेवों में à¤à¤°à¤ªà¥‚र आयरन होता है। 14 से 18 की उमà¥à¤° में 10 मिगà¥à¤°à¤¾ आयरन और 19 के बाद 9 मिगà¥à¤°à¤¾ आयरन रोज चाहिठहोता है।
विटामिन सी
दूध पिलाने वाली मांओं को 120 मिगà¥à¤°à¤¾ विटामिन सी चाहिठहोता है। इसमें मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों का इमà¥â€à¤¯à¥‚न सिसà¥â€à¤Ÿà¤® मजबूत होता है। डिलीवरी के बाद à¤à¥€ विटामिन सी आवशà¥â€à¤¯à¤• होता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यह कोलाजन बनाने में मदद करता है। संतरे, तरबूज, पपीता, सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€, चकोतरा, शकरकंद, टमाटर और बà¥à¤°à¥‹à¤•ली विटामिन सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है।
मलà¥â€à¤Ÿà¥€ विटामिन
सी सेकà¥â€à¤¶à¤¨ ऑपरेशन के बाद मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ की सेहत के लिठनà¥â€à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° आपको बताà¤à¤‚गे कि आपकी सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपको कौन सा मलà¥â€à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ लेना है।
फाइबर
फाइबर से कबà¥â€à¤œ नहीं होती है और ऑपरेशन के बाद कबà¥â€à¤œ होना आपके लिठबहà¥à¤¤ बà¥à¤°à¤¾ हो सकता है। इसलिठअपनी डायट में फाइबर को जरूर शामिल करें। साबà¥à¤¤ अनाज, कचà¥â€à¤šà¥‡ फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में खूब फाइबर होता है। हालांकि, फाइबर लेने के साथ पानी की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बढ़ा दें।
| --------------------------- | --------------------------- |